i दस वर्षों की खोज · अभी उपलब्ध

दुनिया ने पूछा भारत ने आविष्कार क्यों नहीं किया। यह पुस्तक पूछती है कि भारत इसके बजाय क्या आविष्कार कर रहा था।

आधुनिक विचार के सबसे विवादास्पद प्रश्नों में से एक का शांत पुनर्विचार — राजेंद्र प्रधान द्वारा, किशनगढ़, राजस्थान से।

416pp
हार्डकवर
10yrs
लेखन में लगे
3pts
चौदह अध्याय
I · 2026
First edition
Why Indians Have Not Invented Anything — book cover
?

"भारतीयों ने कुछ आविष्कार क्यों नहीं किया?"

यह वह प्रश्न है जो आधुनिक दुनिया दो सदियों से पूछती आ रही है। ईमानदार उत्तर प्रश्न को ही पुनर्गठित कर देता है — भारत कुछ अलग आविष्कार कर रहा था, जिसकी गहराई किसी अन्य सभ्यता ने नहीं आजमाई।


पुस्तक के अंदर

तीन भाग। चौदह अध्याय। दस वर्ष का धैर्य।

पूरी विषय-सूची →
भाग एक

रोग

प्रश्न, इच्छा, चेतावनी। चार अध्याय जो बताते हैं कि भारत ने उत्तर देने से पहले क्या निदान किया।

भाग दो

ज्ञान

अदृश्य आविष्कारों पर छह अध्याय — गाय, अंदर की विद्युत, ग्राही, पूर्ण शिशु।

भाग तीन

भविष्य

जीवन चक्र, दर्पण, अंतिम दिन, और आगे के रास्ते पर चार अध्याय।

प्रस्तावना मुफ़्त पढ़ें

R

राजेंद्र प्रधान।

दस वर्षों तक उन्होंने देखा। रसोई, आंगन, मौसमी अनुष्ठान, वह भाषा जो लोग बिना जाने बोलते हैं। वे पूछते रहे — यह सभ्यता क्या जीवित रख रही है, और किसलिए?

वे विद्वान नहीं हैं। वे एक भारतीय व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी सभ्यता को ध्यान से देखा।

किशनगढ़, राजस्थान · दस वर्षों की खोज · उनकी पहली पुस्तक।


प्रारंभिक पाठक

“The kind of book that प्रश्न का आकार बदल देती है.”

4.8
★★★★★
312 प्रारंभिक पाठकों का मत
★★★★★

"मैं अपने पूरे जीवन गलत प्रश्न लेकर चलता रहा। प्रधान ने उसका उत्तर नहीं दिया — उन्होंने मुझे एक बेहतर प्रश्न दिखाया।"

अंजलि म.
बेंगलुरु, भारत
★★★★★

"शांत, तथ्यपूर्ण, और कभी रक्षात्मक नहीं। गाय पर अकेला अध्याय पूरी पुस्तक के लायक है।"

डेनियल र.
ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क
★★★★★

"मुझे एक विवादात्मक लेख की उम्मीद थी। मुझे एक लंबी, धैर्यपूर्ण दृष्टि मिली।"

प्रिया स.
लंदन, यूके

पॉडकास्ट

किशनगढ़ से संदेश — एक संवाद.

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